अन्तरजाल पर हिंदी कैसे पसरे ?

  1. अपने मित्र को हिन्दी (देवनागरी) में मेल लिखिये। उसे आश्चर्यचकित करिये।
  2. किसी हिन्दी समझने वाले के अंगरेजी ब्लाग पर हिन्दी में टिप्पणी लिखिये।
  3. विभिन्न चरचा समूहों पर हिन्दी के कुछ अति महत्वपूर्ण साइटों के लिंक प्रेषित करके कुछ लोगों की कूपमण्डूकता खत्म कीजिये।
  4. हिन्दी के पत्र-पत्रिकाओं में सम्पादक के नाम पत्र में इण्टरनेट पर हिन्दी की स्थिति के बारे में बताइये। हिन्दी के कुछ महत्वपूर्ण साइटों की लिंक भी लिख भेजिये।
  5. अपने मित्रों को हिन्दी इंटरफेस वाला कोई अनुप्रयोग या साफ़्टवेयर चलाकर दिखाइये। उनका अज्ञान्धता मिटाइये।
  6. हिन्दी प्रेमियों के सामने एक पवित्र लक्ष्य रखा जाय - भारत में जिस प्रकार से प्रिन्ट माध्यमो में हिन्दी का वर्चस्व है, वैसी ही स्थिति अन्तरजाल पर भी निर्मित करनी है।
  7. उत्साही छात्रों को उनके प्रोजेक्ट के रूप में हिन्दी का कोई टूल विकसित करने का कार्य दीजिये। भारत में इस समय हजारों की संख्या में प्रतिवर्ष इंजीनियरिंग कालेजों में भर्ती हो रही है। जरा गौर कीजिये उनके प्रोजेक्ट कितने सार्थक रहते हैं।
  8. यह कहने के बजाय कि कम्प्यूटर पर हिन्दी में काम करना सम्भव है और आसान है, किसी को हिन्दी में काम करते हुए बताइये।
  9. लोगों को ट्रान्सलिटरेशन के कांसेप्ट से अवगत कराइये। उन्हे बताइये कि हिन्दी टाइपिंग के अभ्यास के बिना भी हिन्दी में तेज गति से टाइप किया जा सकता है।
  10. लोगों को समझाइये कि हमारा कर्तव्य है कि हम दूसरे लोगों से प्राप्त और दूसरी भाषाओं में उपलब्ध जानकरी का उपभोग करें और उसके बदले में अपने लोगों के लिये उनकी भाषा में और अच्छी जानकरी की रचना करें ( इंग्लिश में लें, हिन्दी में लौटायें) । किसे भी समाज के लिये सूचना का केवल उपभोग ठीक नहीं है, सूचना और ज्ञान का सृजन (उत्पादन) करना भी जरूरी है।

एक बार जीने के लिए सौ बार मरे है हम

एक बार जीने के लिए सौ बार मरे है हम
एक मुसकुराहट के लिए कितना सिसका यह गम
यह जीवन जलता जलता भी नहीं
कितना जलया इसने हर दम
एक लमहा जो छुप गया आसमान तले
ढूँढते फिर रहे हैं बस उमर भर से हम
मेरी खामोशियाँ बन गई मेरे  गुनाह
हर पल नया गुनाह करता रहा यह मन
उम्मीद की यह लौ क्यों नहीं बुझती
थम गयी जब यह सासों की सरगम
किस तरफ़ जा रहा हूँ ,क्यों जा रहा हूँ
कोइ बता दे मुझे कहाँ ले जायेंगे यह कदम
अपनी मजबूरिओं से नराज़ है यह दिल
मजबूरियों के लिए उठाये गए ज़िंदगी तेरे सितम
आँसू में भीगा यह मन यह आँचल
इक हँसी की चाह मैं अब तक आंखें हैं यह नम !!!!!!!!!!!!

लव के रूप | मैं प्यार करती

मैं तुमसे बहूऊऊऊऊऊऊत् प्यार करती हूँ .
मैं कुछ भी नहीं तुम्हारे बिना !
मुझमे क्या कमी है की वो प्यार नहीं करती !
मैं तुम्हे पाने के लिए किसी भी हद तक जा सकता हूँ !
मैं तुमपे जान देती हूँ , क्या तुम्हे एक बार भी मुझसे लव नहीं हुआ ,क्या तुमने एक पल के लिए भी मुझसे प्यार नहीं किया ?
क्या तुम कभी लाइफ में एक बार मुझे याद करोगे ?
क्या तुम्हे कभी लगेगा की मैं तुम्हारे लिए सही था ?
तुम्हे मुझसे अच्छा कोई नहीं मिल सकता दुनिया में , तुम्हे मुझसे ज्यादा प्यार करने वाला नहीं मिल सकता
अगर मैंने इतनी मेहनत इतने दिल से भगवान् को बुलाया होता , तो वो मेरे पास आ जाते !
तुम्हे मैं बहुत खुश रखूँगा !
मैं हर वक्त ये ही सोचता हूँ की इस वक्त तुम क्या सोच रहे होगे , कैसा फील कर रहे होगे !
मैं तुम्हे हर पल मिस करती ह
जब तुम मेरे पास होती हो , उस पल मैं बहुत खुश रहता ह !
मैं तुम्हारे लिए कुछ भी कर सकती हूँ !
तुम अगर मिल जाओ , तो मैं दुनिया बदल सकता हूँ
मैं तुम्हारी साँसे फील कर सकती हूँ
क्या तुम्हे मुझपे बिल्कुल तरस नहीं आता ? इतना मत तडपाओ , की एक दिन मुझे अपने आपसे नफरत हो जाए !
तुम इतना मना मत करो मुझे , इतना इग्नोर मत करो मुझे , की मैं तुमसे नफरत करने लगूँ एक दिन
एक बार मेरी आंखों में देखो , क्या तुम्हे एक पल भी नहीं लगता की मैं प्यार करती / करता हूँ
क्या मेरी आंखो में तुम्हे प्यार नहीं दिखता ?
हम कई जन्मों से साथ साथ हैं
काश तुम समझ सकते मुझे