तड़प कर देख किसी की चाह मैं

तड़प कर देख किसी की चाह  मैं
पता  चले  प्यार  क्या  होता  है
मील  जाए हर  कोई यूं  ही  राहों  में
तोह कैसे  पता चले इंतज़ार  क्या होता है

One Response to “तड़प कर देख किसी की चाह मैं”

  1. RAVIKIRAN Says:

    जरुरत नहीं पडती, दोस्त की तस्वीर की.
    देखो जो आईना तो दोस्त नज़र आते हैं,


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