यू चुप रहना ठीक नहीं कोई मीठी बात करो,

यू चुप रहना ठीक नहीं कोई मीठी बात करो,

मोर,चकोर,पपीहा,कोयल सबको मात करो..

सावन तो मन-बगिया से बिन बरसे बीत गया ,

रस मैं डूबे नगमे की अब तुम बरसात करो …

हिज्र की एक लम्बी मंजिल को जानेवाला हू अपनी यादो ले

दोस्ती नाम नहीं सिर्फ़ दोस्तों के साथ रेहने का…..

दोस्ती नाम नहीं सिर्फ़ दोस्तों के साथ रेहने का..
बल्कि दोस्त ही जिन्दगी बन जाते हैं, दोस्ती में..

जरुरत नहीं पडती, दोस्त की तस्वीर की.
देखो जो आईना तो दोस्त नज़र आते हैं, दोस्ती में..

येह तो बहाना है कि मिल नहीं पाये दोस्तों से आज..
दिल पे हाथ रखते ही एहसास उनके हो जाते हैं, दोस्ती में..

नाम की तो जरूरत हई नहीं पडती इस रिश्ते मे कभी..
पूछे नाम अपना ओर, दोस्तॊं का बताते हैं, दोस्ती में..

कौन केहता है कि दोस्त हो सकते हैं जुदा कभी..
दूर रेह्कर भी दोस्त, बिल्कुल करीब नज़र आते हैं, दोस्ती में..

सिर्फ़ भ्रम हे कि दोस्त होते ह अलग-अलग..
दर्द हो इनको ओर, आंसू उनके आते हैं , दोस्ती में..

माना इश्क है खुदा, प्यार करने वालों के लिये “अभी”
पर हम तो अपना सिर झुकाते हैं, दोस्ती में..

ओर एक ही दवा है गम की दुनिया में क्युकि..
भूल के सारे गम, दोस्तों के साथ मुस्कुराते हैं, दोस्ती में. i miss you dost

तड़प कर देख किसी की चाह मैं

तड़प कर देख किसी की चाह  मैं
पता  चले  प्यार  क्या  होता  है
मील  जाए हर  कोई यूं  ही  राहों  में
तोह कैसे  पता चले इंतज़ार  क्या होता है

माने या न माने ऐसा ही है…

शिवांगी 2 साल की है। उसके दो बड़े भाई हैं जिनकी आयु लगभग पाँच और सात साल है। एक दिन उसकी मम्मी फॉन पर किसी से बात कर रही थी, तभी धड़ाम की आवाज़ आई। कुछ पल में ही शिवाँगी रोती हुई आ गयी और और तेज़ आवाज़ में रोने लगी। जब माँ ने प्यार से सहलाते हुए चोट  के बारे में पूछा तो बोली-” जब मैं पलंग से लुढ़क गयी थी तो मनी (उससे बड़ा भाई) मुझे देखकर हंस रहा था।”

पति पत्नी और अटल जी की बातें

काफी दिन से सोच रहा था कुछ चुटकुला लिखूं | कल मेरे १ मित्र ने मुझसे कहा भी की आज कल चुटकुले नही लिख रहे हो |
मुझे यह जानकर काफी खुशी हुई की लोग मुझे याद करते हैं भले ही हंसने के बहाने | आपलोगों के लिए मैं इसी तरह लिखता रहूँ और आप मुझे अपने कमेंट से मुझे मेरे बारे मी बताते रहे |

तो अब मैं आ गया कुछ चुटकुलों के साथ |

[1]

पति-पत्नी आपस में बातें कर रहे थे।
पति - ”मेरे लिये 11 का अंक हमेशा ही शुभ रहा है। 11वें महीने की 11 तारीख को 11 बजे हमारी शादी हुई। हमारे मकान का नंबर भी 11 है। एक रोज मुझे 11 बजकर 11 मिनिट और 11 सेकण्ड पर किसी ने बताया कि आज बड़ी रेस होने वाली है। मैंने सोचा कि मेरे लिये 11 के नम्बर में जरूर चमत्कार छिपे हुये हैं, मैं गया और 11वें नम्बर की रेस के लिये 11 वें घोड़े पर 11 हजार रूपये लगा दिये।”
पत्नी - ”और घोड़ा जीत गया ?”
पति - ”यही तो रोना है! कम्बख्त 11वें नम्बर पर आया!”

लड़के लडकी के बातें

[1] 
लड़का: चलो कि
सी वीरान जगह चलते हैं!
लडकी: तुम ऐसी-वैसी हरकत तो नही करोगे?
लड़का: बिल्कुल नही!
लडकी: तो फिर रहने दो…

लडकी लड़का और मैं

[1]             

             एक बार एक बार मैं और मेरे कुछ मित्र  देल्ही से ताज महल देखने गए ! मेरे मित्रों को  ताज महल बहुत पसंद आया ! उन्होंने निर्णय किया की ताज को धकेलकर देल्ही ले जायेंगे ! सब मिलकर ताज को पुश कराने लगे ! धीरे धीरे उनको पसीना आने लगा तो सबने अपने अपने शर्ट उतरकर पीछे रखे और वापस पुश करने लगे !
थोडी देर में वहाँ एक चोर आया उसने देखा की हम सब व्यस्त हैं ! चोर सब कपड़े उठा के  भाग गया ! जैसे अँधेरा होने लगा , हम सब अपने शर्ट खोजने लगे ! इतने में मैं एकदम खुश हुआ और चिल्लाने लगा …….. ..

अरे देखो दोस्तों हम ताज को कितना दूर ले आये , यहाँ से तो हमारे कपड़े भी नही दिख रहे हैं

[2]

लडकी : क्या तुम मुझे शादी के बाद भी इसी तरह प्यार करोगे ,
लड़का : हाँ अगर तुम्हारा पति इजाजत देगा तो  …

मैं नही तो चैन से तू भी नही रहा

दोस्तों , मैं आपके सामने एक नज़म पेश कर रहा हूँ | उम्मीद करता हूँ की आपको पसंद आएगी ये नज़म मेरे किसी ख़ास दोस्त के लिए है …Hand Shaked

ज़िंदगी की भीड़ में के अजनबी मिला ,
फिर पास आया मेरे और ज़िंदगी बना !

कुछ दिन तो मेरे साथ चला दोस्त बनके वो ,
फिर भी हर मोड़ पर कुछ फासला रहा !

जिसका हुआ तुझे कभी एहसास तक नही ,
वो दर्द हमने ज़िंदगी का बेइन्तहा सहा !

इए दोस्त तेरे दिल की कसक जानता हूँ मैं ,
गर मैं नही तो चैन से तू भी नही रहा !

पलक जब झपके आए सामने तेरा चेहरा

आज भी पलक जब झपके
आए सामने तेरा चेहरा
तुम क्या गई हो ज़िंदगी से
हो गया हूँ और भी तनहा

तुम्हारी वो हँसी
अब भी याद आती है
वो पहली मुलाक़ात
मुस्कान छोड़ जाती है !

तुम्हारी बातों के वान
दिल में अब तक मचला करते हैं
क्यों दिल की बात न कह सके
अपने आप से शिकायत करते हैं !

बेवफाई का दाग तुम्हे देके
अपने आप को बचाना चाहते हैं
लफ्जों के बानों से हम
मोहोब्बत इन्तेहा जताना चाहतें हैं !

केवल “ P ” के याद में