बातें करके रुला ना दीजिएगा…

बातें करके रुला ना दीजिएगा…
यू चुप रहके सज़ा ना दीजिएगा…

ना दे सके ख़ुशी, तो ग़म ही सही…
पर दोस्त बना के यूही भुला ना दीजिएगा…

खुदा ने दोस्त को दोस्त से मिलाया…
दोस्तो के लिए दोस्ती का रिस्ता बनाया…

पर कहते है दोस्ती रहेगी उसकी क़ायम…
जिसने दोस्ती को दिल से निभाया…

अब और मंज़िल पाने की हसरत नही…
किसी की याद मे मर जाने की फ़ितरत नही…

आप जैसे दोस्त जबसे मिले…
किसी और को दोस्त बनाने की ज़रूरत नही ***!

तड़प कर देख किसी की चाह मैं

तड़प कर देख किसी की चाह  मैं
पता  चले  प्यार  क्या  होता  है
मील  जाए हर  कोई यूं  ही  राहों  में
तोह कैसे  पता चले इंतज़ार  क्या होता है

इस दो पल की जिंदगी

इस दो पल की जिंदगी मैं तन्हाई क्यों है,

लोगो को हम से रुसवाई क्यों है, इस दुनिया मै इन्सान कम नही है,

फ़िर भी हमारे साथ सिर्फ़ हमारी परछाई क्यों है.

by jagat upreti

पति पत्नी और अटल जी की बातें

काफी दिन से सोच रहा था कुछ चुटकुला लिखूं | कल मेरे १ मित्र ने मुझसे कहा भी की आज कल चुटकुले नही लिख रहे हो |
मुझे यह जानकर काफी खुशी हुई की लोग मुझे याद करते हैं भले ही हंसने के बहाने | आपलोगों के लिए मैं इसी तरह लिखता रहूँ और आप मुझे अपने कमेंट से मुझे मेरे बारे मी बताते रहे |

तो अब मैं आ गया कुछ चुटकुलों के साथ |

[1]

पति-पत्नी आपस में बातें कर रहे थे।
पति - ”मेरे लिये 11 का अंक हमेशा ही शुभ रहा है। 11वें महीने की 11 तारीख को 11 बजे हमारी शादी हुई। हमारे मकान का नंबर भी 11 है। एक रोज मुझे 11 बजकर 11 मिनिट और 11 सेकण्ड पर किसी ने बताया कि आज बड़ी रेस होने वाली है। मैंने सोचा कि मेरे लिये 11 के नम्बर में जरूर चमत्कार छिपे हुये हैं, मैं गया और 11वें नम्बर की रेस के लिये 11 वें घोड़े पर 11 हजार रूपये लगा दिये।”
पत्नी - ”और घोड़ा जीत गया ?”
पति - ”यही तो रोना है! कम्बख्त 11वें नम्बर पर आया!”

लड़के लडकी के बातें

[1] 
लड़का: चलो कि
सी वीरान जगह चलते हैं!
लडकी: तुम ऐसी-वैसी हरकत तो नही करोगे?
लड़का: बिल्कुल नही!
लडकी: तो फिर रहने दो…

लडकी लड़का और मैं

[1]             

             एक बार एक बार मैं और मेरे कुछ मित्र  देल्ही से ताज महल देखने गए ! मेरे मित्रों को  ताज महल बहुत पसंद आया ! उन्होंने निर्णय किया की ताज को धकेलकर देल्ही ले जायेंगे ! सब मिलकर ताज को पुश कराने लगे ! धीरे धीरे उनको पसीना आने लगा तो सबने अपने अपने शर्ट उतरकर पीछे रखे और वापस पुश करने लगे !
थोडी देर में वहाँ एक चोर आया उसने देखा की हम सब व्यस्त हैं ! चोर सब कपड़े उठा के  भाग गया ! जैसे अँधेरा होने लगा , हम सब अपने शर्ट खोजने लगे ! इतने में मैं एकदम खुश हुआ और चिल्लाने लगा …….. ..

अरे देखो दोस्तों हम ताज को कितना दूर ले आये , यहाँ से तो हमारे कपड़े भी नही दिख रहे हैं

[2]

लडकी : क्या तुम मुझे शादी के बाद भी इसी तरह प्यार करोगे ,
लड़का : हाँ अगर तुम्हारा पति इजाजत देगा तो  …